भैया दूज क्यों मनाया जाता है

ब्लू फिल्म सुहागरात

ब्लू फिल्म सुहागरात, उसकी आवाज़ सुनते ही पायल फ़ौरन पलटी और कमरे में उसे देखकर उसके मुँह से हल्की चीख निकल पड़ी. उसने फ़ौरन हाथ में पकड़ा हुआ तोलिया अपने आगे करके अपनी छातियाँ और चूत को धक लिया. पायल के मुँह से हल्की हसी छूट पड़ी फ़ोन पर : भूल गए......रोज़ बस स्टॉप पर मिलते हो.......उस दिन मुझे स्मायल भी दी थी ....मेरा नंबर माँगा था और अपना नंबर दिया था

उसका यूं कहना एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी. पहली बार वो किसी मर्द के पहलू में यूं बैठी थी और मर्दाना हाथ उसकी कामनाओं को जगा रहे थे. उसका बदन पहली बार नये नये तजुर्बों से गुजर रहा था नई नई अनुभूतियाँ उसके तन मन में बिजलियाँ चमका रहीं थी. मेरी गांड फटी........मगर ये मालूम करना जरुरी था की आखिर क्या हुआ........मैंने हिम्मत जुटाई और उसके घर पर फ़ोन लगाया. घंटी बजी, उस सांड ने ही फ़ोन उठाया. फोन पर उसकी आवाज़ भोंगे जैसी गूंज रही थी......

बता लल्ला......कहीं तू मेरे कमरे और बाथरूम में ताक झांक तो नहीं करता ? अरे कहीं तू हिरसू तो नहीं है रे ??? ब्लू फिल्म सुहागरात एक घमासान चुदाई के बाद हम शिथिल पड़ गए और करीब 10 मिनट तक ऐसे ही लेटे रहे। फिर आंटी ने मेरे सर पे हाथ फेरा और मेरे कानों में धीरे से कहा, अब उठ भी जा….बहुत देर हो गई है।

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  1. ऐसा क्यों कह रही हो, दीदी? तुम्हें लिबास भी अच्छा दिखता है. सच कहूँ तो तुम'हे बीच बीच में लिबास पहनना चाहिए.
  2. उसकी बात सुनकर वो लड़की उसके थोडा करीब आई और हल्की सी आवाज़ में ऐसे बोली जैसे कोई राज़ की बात बता रही हो देहाती भाभी की सेक्सी वीडियो
  3. चाची की गांड के सल में साड़ी फँसी थी, चाची ने आज भी पेंटी नहीं पहनी थी. चाची मुझसे बाते करती जा रही थी और इधर उधर भी देख रही थी..... मेरी नज़र चाची के कुलहो पर ही थी तभी अचानक चाची पीछे हुयी और उनके कुल्हे मेरे चेहरे से टकरा गए........म्मम्मम्म........क्या नरम और क्या गरम........बाबुराव में नेटवर्क के सारे टावर आ गए थे...
  4. ब्लू फिल्म सुहागरात...ऋषभ भैया ने भाभी को अपने बैग थमाया और कुर्सी पर बैठ कर जूते उतारने लगा....भाभी बेचारी बैग लिए खड़ी थी मैं भी ठीक हूँ. आप तो अब याद ही नही करती. मैने पहले भी 2-3 बार फोन किया था पर किसी ने उठाया ही नही. मम्मी पापा भी आपके लिए काफ़ी परेशान थे. इंदर बोला
  5. हाँ, मेरी जान। आज हम रात भर एक दूसरे का रस पियेंगे… कोमल खुशी से चीखी। उसने अपने पति के टट्टों पर अपनी ज़ुबान फ़ेरी। उसने पक्का किया हुआ था कि सुनील से चूत चुसवाकर ही रहेगी। उसके बाद वो उसे चोदने देगी जब तक कि दोनों थक न जाएं। पर कोमल ने चूसना शुरू नहीं किया। ऐसे ही खड़ी रह कहकर रूपाली थोड़ा पिछे हटी और अपनी सलवार और कमीज़ उतारकर एक तरफ फेंक दी. अगले ही पल उसकी ब्रा और पॅंटी भी उसके बाकी कपड़ो के साथ पड़े थे और रूपाली पूरी तरह नंगी होकर एक बार फिर पिछे से पायल के साथ चिपक गयी.

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चाची मंद मंद मुस्कुराते हुए देख रही थी. बड़ी अदा से इतरा कर बोली, हाय राम....लल्ला......बहुत बदमाश हो गया है, तेरे लिए तो लड़की मैं ही ढूंढ़ कर लाऊंगी

बात कर ली मैने उनसे भी. उनमें से किसी ने भी आपकी उस वक़्त हवेली में नही देखा था ख़ान के पास जैसे इस बात का भी जवाब था उस सम'य मुझे लगा के में ऊर्मि दीदी को बता दूं. मेरी 'इच्छा'. मेरा सपना. मेरी कल्पना.. यानी एक ही!! 'ऊर्मि दीदी तुम्हें चोदना!!'.. लेकिन अगले ही पल मेने सोचा के 'नही' ये वक्त ठीक नही है इस'लिए मेने सिर्फ़ इतना कहा,

ब्लू फिल्म सुहागरात,अब बताओ...छोटे बाबू....काकी ने तो कह दिया साथ चल....यहाँ कितना काम है....हमें नहीं पता जल्दी से ऑंखें ठीक करा लो और आ जाओ.

नही, दीदी!. मेरी वजह से तुम्हें तकलीफ़ हुई और तुम मुझे सज़ा नही दे रही हो तो फिर मुझे ही मेरी गल'ती का प्रायश्चित कर'ना चाहिए. में क्या करू??.. हां !.. में तुम्हें कुच्छ अलग सुख दे के अपना प्रायश्चित कर लेता हूँ.

मैंने चाची की बात अनसुनी कर दी और अपना अंगूठा उनके मम्मो के सल के बिच फसा दिया.....फिर मैंने धीरे से अपना पूरा हाथ उनके गले और मम्मो के बिच रख दिया. मैंने कहा, चाची......ब ब बहुत स स सारी ....चोकलेट गिरी है....... चाची ने बड़े आराम से कहा, हाँ रे.....तू तो कर दे साफ़.....टेलर मास्टर की चुदाई

मैं चाची से थोडा सा लम्बा हूँ......चाची को जब मैंने अपने से चिपका लिया तो उनका उनका सर मेरे होटों के सामने आ गया.......मैंने उनका माथा चूम लिया...... खाना खाने के बाद हम लोग एक बार फिर बिस्तर पर गुत्थमगुत्था हो गये और दूसरे दौर की घनघोर चुदाई के बाद नंगे ही लिपट कर सो गये.

मैं मन मसोस के बैठ गया. ठंडाई इतनी शानदार थी के पूरे बदन मे चंचलाई आ गयी. मैं हाथ पीछे टेक कर आराम से पैर फैला कर बैठ गया. थोड़ी देर मे ठंडी ठंडी हवा के झोंके आने लगे. आंखे भारी भारी से होने लगी.

साथ नही दूँगी तो क्या?? तुम'ने क्यों अप'नी जीभ मेरे होठों के बीच डाल दी? कहाँ से सीखा ये तुम'ने? उस गंदी किताब में पढ़ा होगा शायद?,ब्लू फिल्म सुहागरात चाची का पूरा बदन कड़क हो गया.......और वो पागलों कि तरह मेरे लंड पर उछलने लगी.......मम्मे को मेर छाती पर दबा दिया......और मेरे होंटों को अपने मुंह में ले लिया......

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