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कंचन को रोता देख शांता की छाती फट गयी. वह किसी अंजानी आशंका से घबरा उठी. उसकी आवाज़ सुनकर कंचन के फूफा और चिंटू भी दूसरे कमरे से आ गये. अपनी दीदी को रोता देख चिंटू उदास हो उठा था. मुझे पता नहीं आज क्या हो गया था, पहले तो मैं इन्हें मना कर रही थी, पूरी ताकत इनसे अलग होने में लगा रही थी और अब उतनी ही ताकत के साथ सम्भोग कर रही थी और मैं बार-बार झड़े जा रही थी, वो भी जल्दी जल्दी।

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ये कल्लन है & ये मेरी रखैल मलिका.,जब्बार ने दोनो का परिचय कराया.जवाब मे कल्लन ने सिर्फ़ सिर हिलाया.मलिका उसे वैसे ही चालू निगाहों से देखती रही.

अब मेरे दिमाग़ ने भी काम करना बंद कर दिया था….कहीं मेरी बेटी ग़लत रास्ते पर तो नही चल रही…….मेने मन में ठान लिया था कि, अब चाहे जो भी हो जाए…..में सोनिया से बात करके रहूंगी……खाना खाने के बाद मेने सारा काम ख़तम किया, और सोनिया के रूम में गयी…….प्रियंका चतुर्वेदीxxx

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